Abhinav VermaAbhinav Verma
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स्नातक युवा और सम्मानजनक रोजगार

Abhinav Verma · 30 जून 2026 · 6 मिनट पढ़ें

भारतीय विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह में स्नातक युवा

डिग्री के बाद का खालीपन युवाओं का व्यक्तिगत संकट नहीं, सामाजिक प्रश्न है।

हजारों स्नातक हर वर्ष डिग्री लेकर निकलते हैं, लेकिन अवसर उसी गति से नहीं बनते। यह अंतर निराशा पैदा करता है, और निराशा लोकतंत्र को कमजोर करती है।

सम्मानजनक रोजगार का अर्थ केवल वेतन नहीं। अर्थ है कौशल के अनुरूप काम, स्थानीय संभावनाएं, और उद्यमिता के लिए सहयोग।

इंटर्नशिप, कौशल केंद्र, और छोटे उद्योगों से जुड़ाव युवाओं को शहर की कतार में खड़ा होने की बजाय अपने क्षेत्र में निर्माण का मौका दे सकते हैं।

युवा शक्ति को इंतजार नहीं, दिशा चाहिए। रोजगार नीति तभी सफल है जब वह अंतिम स्नातक तक पहुंचे।

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